महाकुंभ 2025 में आस्था की लहरें चरम पर हैं। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र त्रिवेणी संगम में अब तक 40 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु पुण्य स्नान कर चुके हैं। शुक्रवार सुबह 10 बजे तक ही 42.07 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। आने वाले 19 दिनों में यह आंकड़ा 50 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है। हर दिन देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु संगम नगरी प्रयागराज पहुंचकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।
महाकुंभ में सबसे ज्यादा भीड़ मौनी अमावस्या पर देखी गई, जब 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में स्नान किया। मकर संक्रांति पर 3.5 करोड़, बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़, और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। संगम के तट पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा है, जहां हर ओर संत-महात्माओं और अखाड़ों के साधु-संन्यासी संस्कृति और आध्यात्मिकता का संगम प्रस्तुत कर रहे हैं।
महाकुंभ के कई बड़े स्नान पर्व अभी बाकी हैं, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। प्रयागराज इन दिनों भक्ति और संस्कृति का केंद्र बना हुआ है। संगम के पवित्र तट पर हर डुबकी के साथ श्रद्धालु मोक्ष की कामना कर रहे हैं, और यह आध्यात्मिक ऊर्जा चारों ओर महसूस की जा सकती है।