बिहार के जमुई में सांप्रदायिक तनाव के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई
बिहार के जमुई जिले में सांप्रदायिक झड़प के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खुशबू पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है। खुद को ‘हिंदू शेरनी’ कहने वाली खुशबू पांडेय पर भड़काऊ भाषण देने और आपत्तिजनक नारेबाजी करने के आरोप हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए तीन अलग-अलग थानों की पुलिस को लगाया गया। पुलिस ने सोमवार की रात कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें गिरफ्तार किया और फिर मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया।
भड़काऊ भाषण और नारेबाजी के आरोप
पुलिस के अनुसार, झाझा थाना क्षेत्र के बलियाडीह गांव में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस दौरान खुशबू पांडेय पर आरोप है कि उन्होंने भड़काऊ भाषण दिया और आपत्तिजनक नारे लगाए, जिससे स्थिति और ज्यादा उग्र हो गई।
क्या कहा पुलिस ने?
“खुशबू पांडेय की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। जांच में पाया गया कि उन्होंने ऐसे बयान दिए, जिससे हालात बिगड़े। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया।”
तीन थानों की पुलिस ने मिलकर की छापेमारी
खुशबू पांडेय की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस थानों की संयुक्त टीम ने विशेष छापेमारी अभियान चलाया। सोमवार रात करीब 9 बजे भारी पुलिस बल के साथ उन्हें गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी अभियान में शामिल पुलिस थाने:
- झाझा थाना
- सिकंदरा थाना
- जमुई नगर थाना
पुलिस बल की तैनाती से इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
नगर परिषद उपाध्यक्ष समेत 5 लोगों पर केस दर्ज
जमुई हिंसा मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर परिषद जमुई के उपाध्यक्ष नीतीश कुमार सहित पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।
केस दर्ज करने वाले अधिकारी:
बिहार पुलिस के एसआई नंदन राय
किन धाराओं में केस दर्ज हुआ?
- भड़काऊ भाषण देने
- सांप्रदायिक तनाव भड़काने
- शांति भंग करने
- पत्थरबाजी और हिंसा में शामिल होने
पुलिस ने हिंसा में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करने के लिए जांच तेज कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
खुशबू पांडेय रविवार को अपने दो दर्जन से अधिक समर्थकों के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए झाझा थाना क्षेत्र के बलियाडीह गांव गई थीं।
विवाद तब शुरू हुआ जब:
- पाठ करने के बाद जब वे वापस लौट रही थीं, तब मस्जिद के पास दो समुदायों के बीच झड़प हो गई।
- दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी हुई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
- इसी दौरान, खुशबू पांडेय पर आरोप है कि उन्होंने भड़काऊ भाषण दिया और आपत्तिजनक नारेबाजी की।
- इसके बाद मामला और ज्यादा बिगड़ गया और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
हिंसा में नुकसान:
कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं
नगर परिषद के उपाध्यक्ष नीतीश कुमार समेत तीन लोग घायल हुए
पुलिस ने तुरंत इंटरनेट सेवा बंद कर अफवाहों को फैलने से रोका
एफआईआर में नामजद लोगों की संख्या
पुलिस ने हिंसा में शामिल कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
प्राथमिकी संख्या | नामजद आरोपी | अज्ञात आरोपी |
---|---|---|
पहली FIR | 41 लोग | 50-60 लोग |
दूसरी FIR | 8 लोग | 50-60 लोग |
इस मामले में अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई और आगे की रणनीति
बिहार पुलिस इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और हिंसा में शामिल सभी लोगों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है।
इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती
आरोपियों की पहचान के लिए CCTV फुटेज की जांच
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश
बिहार पुलिस का बयान:
“सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हिंसा में शामिल हर व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई होगी।”
बिहार में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव पर प्रशासन की नजर
बिहार में बीते कुछ समय से सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं बढ़ी हैं। पुलिस और प्रशासन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी सतर्कता बरत रहे हैं।
बिहार सरकार का रुख:
हिंसा फैलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की निगरानी
धार्मिक आयोजनों पर विशेष सुरक्षा इंतजाम
सरकार और प्रशासन की ओर से साफ संदेश दिया गया है कि कानून को हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
निष्कर्ष:
जमुई हिंसा मामले में पुलिस ने तीन थानों की टीम बनाकर खुशबू पांडेय को गिरफ्तार किया। उन पर भड़काऊ भाषण और नारेबाजी करने के आरोप हैं। नगर परिषद उपाध्यक्ष नीतीश कुमार समेत 5 लोगों पर भी केस दर्ज किया गया है।
पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। जमुई में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, और प्रशासन सतर्कता बरत रहा है।